Jharkhand High Court ने Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के तहत बुजुर्गों की आयु सीमा 70 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रति परिवार ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर देने का निर्णय सरकार की नीति का हिस्सा है, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है।
चीफ जस्टिस M. S. Sonak और जस्टिस Rajesh Shankar की खंडपीठ ने यह भी कहा कि याचिका में किसी प्रकार के भेदभाव का आरोप नहीं लगाया गया है। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह अपने पक्ष में ठोस आंकड़ों और तथ्यों के साथ सरकार को ज्ञापन दे सकता है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2024 से लागू इस प्रावधान के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब 6 करोड़ बुजुर्गों को बिना आय सीमा के हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है, जो सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ के माध्यम से उपलब्ध है।
🏥 योजना में अभी क्या प्रावधान है?
Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के तहत:
- 70 साल या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को
- हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
- कोई आय सीमा (income limit) नहीं
- इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस
- इसके लिए ‘आयुष्मान वय वंदना कार्ड’ जारी किया जाता है
🧾 निष्कर्ष
- कोर्ट ने साफ कहा: नीति बनाना सरकार का काम है, अदालत का नहीं
- उम्र सीमा में बदलाव फिलहाल नहीं होगा
- लेकिन भविष्य में सरकार चाहे तो इसे बदल सकती है